Waqf Amendment Bill:"गरीब मुसलमानों व महिलाओं की प्रगति नहीं चाहने वाले कर रहे विधेयक का विरोध", बोले बाबूलाल मरांडी
Thursday, Apr 03, 2025-08:40 AM (IST)

Waqf Amendment Bill 2025: झारखंड प्रदेश भाजपा ने बुधवार को वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का स्वागत किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी सहित इंडी गठबंधन को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन मुस्लिम समाज के गरीबों ,महिलाओं को उनके हक और अधिकार दिलाने का विधेयक है। कहा कि जो पार्टी मुस्लिम समाज, समाज की महिलाओं की प्रगति और विकास नहीं देखना चाहते वे ही इसका विरोध कर रहे।
"वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक कहीं से भी असंवैधानिक नहीं"
मरांडी ने कहा कि वक्फ बोर्ड को भू-माफियाओं और लुटेरों के चंगुल से मुक्त कराकर गरीब मुसलमानों के हित में इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है, लेकिन कुछ लोग इसे गरीब मुसलमानों के हित में इस्तेमाल करने की बजाय भू-माफियाओं की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं। यह दुखद है, उन्हें गरीब मुसलमानों की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधेयक कहीं से भी असंवैधानिक नहीं है। आजादी के पहले से वक्फ है और आजादी से पहले भी संशोधन हुआ। अब से पहले तक इस एक्ट में 5 बार संशोधन हो चुके हैं। जब यह तब असंवैधानिक नहीं था, तब यह संशोधन असंवैधानिक कैसे हो गया? आजादी के बाद 1954 में अंग्रेजों के समय से चले आ रहे वक्फ एक्ट को रेगुलेट कर वक्फ एक्ट बनाया गया। इसके बाद साल 1995 में नया वक्फ बोर्ड एक्ट आया।
"विधेयक रिफार्म के लिए है, रिवोल्ट के लिए नहीं"
मरांडी ने कहा कि 2013 में कांग्रेस की यूपीए सरकार ने इसमें गैरकानूनी तरीके से संशोधन कर वक्फ बोर्ड को असीमित अधिकार दे दिया कि वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन पर अपना अधिकार जता सकता है। उन्होंने कहा कि वक्फ से जुडी समस्या केवल मुसलमानों की नहीं है बल्कि इससे बड़े पैमाने पर हिंदू, सिख, बौद्ध, इसाई और यहाँ तक कि मुस्लिम भी पीड़ित हैं। कई ऐसे मामले आये हैं जिसमें वक्फ ने मनमाने तरीके से मंदिरों, गुरुद्वारों और यहाँ तक कि पूरे गाँव को ही वक्फ की संपत्ति बता दिया है। मरांडी ने कहा कि यह विधेयक रिफार्म के लिए है, रिवोल्ट के लिए नहीं। यह बिल गरीब मुस्लिमों और महिलाओं के अधिकारों को भी भी सुनिश्चित करेगा। हम इस बिल के माध्यम से पारदर्शिता ला रहे हैं। कहा कि 2013 में कांग्रेस ने लोक सभा चुनाव से ठीक पहले आनन-फानन में 13 सदस्यीय सेलेक्ट कमिटी बना कर वक्फ एक्ट में कई गैरकानूनी संशोधन किये और वक्फ को असीमित अधिकार दे दिए गए जिससे काफी गड़बड़ियाँ पैदा हुई।