हाथी बने मुसीबत: आधी रात में गांव के कई घरों को किया तहस-नहस, तबाह करने पर तुले हुए हैं गरीबों के आशियाने
Wednesday, Oct 05, 2022-04:39 PM (IST)
सिमडेगा: कभी कुत्ता, कभी बंदर तो कभी हाथी इंसान पर भारी ही होते जा रहे हैं। कभी यह जानवर इंसान को चोट पहुंचा रहे हैं तो कभी उनके घर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसा ही मामला झारखंड के सिमडेगा जिले से आया है। जहां हाथियों के झुंड ने कुछ लोगों के घर तहस-नहस कर दिए। हाथियों ने लोगों के घर के अंदर घुस कर तबाही मचा दी है।

गांव में हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात
मामला जिले के सदर प्रखंड के रंथु टोली का है। यहां आज सुबह 5 बजे हाथियों के झुंड ने खूब उत्पात मचाया। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीण जागे और डर कर गांव के पास पहाड़ी की तरफ भाग खड़े हुए। वहीं, हाथियों ने रात भर गांव में घूम- घूम कर उत्पात मचाया और गांव के तौफिल, पुष्पा, दिलीप और जेवियर के घरों को तोड़कर तहस-नहस कर दिए। हाथियों ने जेवियर नामक युवक के घर से जो भी खाद्य सामान रखा था वह सब खा लिया। हाथियों के झुंड से पूरे गांव में दहशत का माहौल पैदा हो गया है।

वन विभाग नहीं कर रही है कोई कार्रवाई
इस सब को देखकर ग्रामीणों ने वन विभाग से मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि घर जब टूटेगा तब टीम आएगी और नुकसान का आकलन करेगी। डीएफओ कुछ बोलेंगे तभी तो पता चलेगा कि बंगाल की टीम हाथी भगाने जिले में कब आएगी। ग्रामीणों ने कहा कि हाथी उत्पात मचाते हुए गरीबों को तबाह कर रहे हैं और विभाग क्षति का आकलन कर रहा है, लेकिन यहां भरी बरसात में बेघर हुए ग्रामीणों के आशियाने के बारे में कौन सोचेगा। उन्होंने कहा कि विभाग का मुआवजा तो 1 महीने बाद मिलेगा तब तक कहां जाएं हम गरीब।

हाथी भगाने के सामान किए जा रहे हैं वितरण
इस मामले में वन विभाग का कहना है कि वे लगातार क्षति का आकलन कर रहे हैं। इसके अलावा हाथी भगाने के सामान भी वितरण किए जा रहे हैं। वन विभाग के लोगों का कहना है कि घरों में शराब आदि नहीं रखें।इससे आकर्षित होकर हाथी घरों को तोड़ते हैं। वन विभाग की टीम ने बताया कि जिस कमरे में धान रखा रहता है वहां भी ग्रामीण ना सोएं।

