टॉर्च की रोशनी में चाय बागान के मजदूरों के घर पहुंचे CM हेमंत सोरेन, ''तीर-धनुष'' को बताया हक की आवाज

Wednesday, Apr 01, 2026-12:41 PM (IST)

Jharkhand News: असम विधानसभा चुनाव के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का एक अलग ही मानवीय चेहरा देखने को मिला। चुनाव प्रचार के बीच वे चाय बागान के मजदूरों के घर पहुंचे और उनकी समस्याओं को करीब से समझा।

टॉर्च की रोशनी में चाय बागान के मजदूरों के घर पहुंचे CM हेमंत 
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों असम में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के स्टार प्रचारक के रूप में वहां सक्रिय हैं। प्रचार के दौरान उनकी एक भावुक तस्वीर सामने आई, जिसमें वे टॉर्च की रोशनी में चाय बागान के मजदूरों के घर पहुंचे और उनकी परेशानियां सुनीं। सोरेन ने कहा कि असम में खासकर आदिवासी और गरीब लोगों के साथ लंबे समय से भेदभाव हो रहा है। मजदूरों को सही मजदूरी नहीं मिलती और उन्हें बिजली, घर जैसी जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल पातीं। उन्होंने सवाल उठाया कि यह अन्याय कब तक चलेगा।

"जनता का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है"
एक चुनावी सभा में हेमंत सोरेन ने कहा कि अब बदलाव का समय आ गया है। उन्होंने JMM के चुनाव चिन्ह ‘तीर-धनुष’ को गरीब और शोषित लोगों की आवाज बताया। उन्होंने लोगों से पार्टी को समर्थन देने की अपील की और कहा कि जनता का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। सोरेन ने भेरगांव से प्रभात दास पनिका और मजबत से प्रीति रेखा बारला के लिए वोट मांगे। उन्होंने कहा कि ‘तीर-धनुष’ अब लोगों के सम्मान और पहचान का प्रतीक बन चुका है। साथ ही उन्होंने कहा कि चाय बागान के मजदूर असम की असली पहचान हैं और उन्हें अनुसूचित जनजाति (ST) का अधिकार मिलना ही चाहिए।

"इस बार JMM पूरी ताकत से चुनाव लड़ रही"
इधर, झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन ने भी असम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने चुनाव की तैयारी और रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्साह बता रहा है कि इस बार JMM पूरी ताकत से चुनाव लड़ रही है और अच्छे नतीजे मिल सकते हैं।


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Khushi

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