शादी के बाद पत्नी निकली 2 महीने की Pregnant , सच्चाई सामने आते ही घरवालों के उड़े होश; फिर जो हुआ...
Saturday, Jan 31, 2026-05:45 PM (IST)
बिहार डेस्क : मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जहां शादी के बाद पत्नी दो महीने की प्रेग्नेंट निकली। पति ने अपनी पत्नी और उसके मायके वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि यह बात उनसे जानबूझकर छिपाई गई। अब इस मामले में अपर सत्र न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश को पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया है।
खुलासे के बाद मायके चली गई पत्नी
दरअसल, पति विशाल माहौर ने अपनी पत्नी और उसके मायके पक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि विवाह के समय पत्नी पहले से गर्भवती थी, लेकिन यह तथ्य जानबूझकर छिपाया गया। आरोप है कि शादी के करीब एक महीने बाद पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर जब उसे चिकित्सक के पास ले जाया गया, तब अल्ट्रासाउंड जांच में सामने आया कि वह दो महीने से अधिक की गर्भवती थी। इस खुलासे के बाद पत्नी अपने मायके चली गई।
निजी अस्पताल में कराया गया गर्भपात
पति का आरोप है कि मायके पक्ष की सहमति से एक निजी अस्पताल में गर्भपात कराया गया, जो भ्रूण हत्या के दायरे में आता है। शिकायत में कहा गया है कि इस पूरे घटनाक्रम में पत्नी के माता-पिता और अन्य परिजन भी शामिल थे। इस मामले में पहले झांसी निवासी पति ने ग्वालियर के जनकगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे 20 नवंबर 2025 को खारिज कर दिया गया था।
निचली अदालत में दोबारा होगी सुनवाई
इसके विरुद्ध अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दायर की गई। सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों की दोबारा समीक्षा आवश्यक है। कोर्ट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए हैं कि वे समस्त रिकॉर्ड पर नए सिरे से विचार कर कारणयुक्त आदेश पारित करें। फिलहाल मामले की सुनवाई निचली अदालत में दोबारा होगी। यह प्रकरण कानूनी पहलुओं के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक प्रश्न भी खड़े करता है। अब आगे की न्यायिक प्रक्रिया में यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।

