तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, हत्या के प्रयास के आरोप में भेजे गए बेउर जेल
Monday, Jul 27, 2026-10:53 AM (IST)
Tej Pratap Yadav: पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पुत्र और जनशक्ति जनता दल (JJD) के नेता तेज प्रताप यादव को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। यादव की अधिवक्ता निशा सिंह ने बताया कि पुलिस ने शनिवार देर शाम राज्य की राजधानी स्थित एक शॉपिंग मॉल से यादव को हिरासत में लिया और उन्हें नौबतपुर थाना ले गई। बाद में देर रात उन्हें अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी (SDJM) आरती उपाध्याय की अदालत में पेश किया गया।
अधिवक्ता निशा सिंह ने बताया कि अदालत ने तेज प्रताप यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद उन्हें बेउर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। सिंह ने कहा कि जेजेडी नेता तेज प्रताप यादव को हत्या के प्रयास के आरोप वाले मामले में जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को दिन में बिहार बंद के दौरान गांधी मैदान थाना क्षेत्र के रामगुलाम चौक से गुजरते समय आंदोलनरत छात्रों के आग्रह पर तेज प्रताप यादव कुछ समय के लिए वहां रुके थे। उनके अनुसार, एसडीपीओ ने उनसे भीड़ से हटने का अनुरोध किया और उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर ले गए।
यादव ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर लगातार हो रहे परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मामलों को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 21 वर्षों में बिहार में आयोजित लगभग हर प्रमुख भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने नीट सहित विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए छात्रों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस आंदोलन को लगभग सभी विपक्षी दलों का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रखेगा।
इस बीच, जनशक्ति जनता दल (JJD) की नेता वीणा मानवी ने भी अपनी पार्टी के प्रमुख तेज प्रताप यादव और आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस 'ऊपर से मिले आदेश' पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को उनकी निजी गतिविधियों के दौरान भी उठाया जा रहा है, यहां तक कि जब वह व्यक्तिगत खरीदारी कर रहे हों। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी का कारण पूछने पर पुलिस सिर्फ यह कहती है कि ऊपर से आदेश है। उन्होंने कहा कि उनकी मेरी गिरफ्तारी के समय भी यही बात कही गई थी। मानवी ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे आदेश कौन दे रहा है। उन्होंने कहा कि आरोप ऐसी मनमानी गिरफ्तारियां राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था के कमजोर होने का संकेत हैं।

