Silver Price Today: 10 दिन में 1.30 लाख टूटी चांदी, 3 फरवरी को फिर भारी गिरावट
Tuesday, Feb 03, 2026-04:30 PM (IST)
Silver Price Today: देशभर में चांदी की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच 3 फरवरी को स्पॉट मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बजट आए दो दिन बीतने के बावजूद चांदी की चमक फीकी बनी हुई है। आज एक ही दिन में चांदी करीब 20,000 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।
बुलियन मार्केट के भाव देखें तो दिल्ली में चांदी का रेट गिरकर ₹2,80,000 प्रति किलोग्राम तक आ गया है। महज 10 दिन पहले चांदी ₹4,10,000 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। यानी बेहद कम समय में चांदी अपने पीक से ₹1,30,000 प्रति किलो टूट चुकी है।
बिहार के प्रमुख शहरों में आज चांदी का भाव
(प्रति किलोग्राम, अनुमानित बाजार रेट)
- शहर आज का भाव
- पटना ₹2,82,000
- गया ₹2,81,500
- भागलपुर ₹2,82,500
- मुजफ्फरपुर ₹2,81,000
- दरभंगा ₹2,81,800
नोट: स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्ट और सर्राफा बाजार के अंतर के कारण रेट में थोड़ा फर्क संभव है।
विदेशी बाजार में दिखी तेजी
जहां घरेलू बाजार में दबाव बना रहा, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी ने मजबूती दिखाई। 3 फरवरी को कॉमेक्स पर चांदी 8.8% उछलकर $83.79 प्रति औंस तक पहुंच गई। इससे संकेत मिल रहे हैं कि गिरावट के बाद ग्लोबल लेवल पर दोबारा खरीदारी शुरू हो सकती है। हालांकि घरेलू वायदा बाजार में तस्वीर अलग रही। MCX पर चांदी के फ्यूचर्स ₹2,32,500 प्रति किलो पर बंद हुए, जो पिछले बंद भाव से करीब 1.6% नीचे रहा।
चांदी में गिरावट क्यों आई?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद तेज मुनाफावसूली,डॉलर में मजबूती,US Federal Reserve द्वारा ब्याज दरें 3.5–3.75% पर स्थिर रखना,और Donald Trump द्वारा Kevin Warsh को फेड चेयरमैन नामित करने से सख्त मौद्रिक नीति की आशंका। इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बनाया।
डॉलर और कच्चे तेल का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर मजबूत होने से चांदी की कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ा। वहीं ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए बयानों से जियोपॉलिटिकल टेंशन थोड़ी कम हुई, जिससे कच्चे तेल (WTI) में नरमी आई और उसका असर भी चांदी पर देखने को मिला।
आगे किन फैक्टर्स पर रहेगी नजर?
निवेशकों को आने वाले दिनों में इन संकेतकों पर खास ध्यान देना होगा—
- Reserve Bank of India की पॉलिसी मीटिंग
- अमेरिका का जॉब्स डेटा
- ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस PMI
यही फैक्टर्स आगे डॉलर, ब्याज दर और चांदी के भाव की दिशा तय करेंगे।
आम खरीदार और निवेशकों के लिए क्या मतलब?
बाजार जानकार मानते हैं कि शॉर्ट टर्म में चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि रूस-यूक्रेन युद्ध, गाजा संकट और इंडस्ट्रियल डिमांड जैसी वजहों से लॉन्ग टर्म सपोर्ट बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए रेट्स पर नजर बनाए रखना समझदारी भरा कदम माना जा रहा है।

