पूर्णिया में दिल दहला देने वाली घटना: चार बच्चों के पिता ने नाबालिग से दुष्कर्म, पुलिस ने रातोंरात गिरफ्तार कर जेल भेजा
Monday, Jan 05, 2026-09:30 AM (IST)
Purnia Crime News: बिहार के पूर्णिया जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जो समाज की नैतिकता पर गहरा सवाल खड़ा कर रही है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के एक गांव में एक चार बच्चों के पिता ने अपनी उम्र और जिम्मेदारियों को ताक पर रखकर एक नाबालिग बच्ची के साथ घिनौना अपराध किया। हालांकि, पुलिस की फुर्ती भरी कार्रवाई ने आरोपी को महज कुछ घंटों में सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, जिसकी सराहना हो रही है।
मक्के के खेत में मासूम पर अत्याचार
आरोपी की पहचान गांव के ही रहने वाले गोलू उर्फ अर्जुन महलदार के रूप में हुई है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पहले बच्ची को मीठी-मीठी बातों में उलझाया और फिर घर के पास ही लगे घने मक्के के खेत में ले गया। सुनसान जगह का पूरा फायदा उठाकर उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी ने बच्ची को जान से मारने की धमकी देकर भाग गया।
पीड़िता किसी तरह घर लौटी और अपनी मां को सारी आपबीती रो-रोकर सुनाई। परिजनों का सदमा इतना गहरा था कि वे तुरंत मुफ्फसिल थाने पहुंचे। थानाध्यक्ष सुदीन राम ने बिना वक्त बर्बाद किए टीम के साथ एक्शन मोड में आ गए। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से रात ही छापेमारी शुरू की गई, और आरोपी को धर दबोचा गया।
POCSO एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई
सदर एसडीपीओ-01 ज्योति शंकर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर पुलिस का 'जीरो टॉलरेंस' रुख बरकरार है। उन्होंने बताया, "आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट की सख्त धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। पीड़िता का बयान रिकॉर्ड कराया गया, और उसे तुरंत मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया ताकि मजबूत सबूत इकट्ठा किए जा सकें।" पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है, और आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, तेज ट्रायल की मांग
घटना के बाद गांव में आक्रोश की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग हैरान हैं कि एक चार बच्चों का बाप ऐसी नीचता पर उतर आया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो, ताकि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले और भविष्य में कोई ऐसा कृत्य न हो। एसडीपीओ ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी पारदर्शिता से चलेगी, और कोर्ट में पुख्ता प्रूफ पेश कर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
यह घटना समाज को झकझोर रही है, और विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता और सख्त कानूनी अमल जरूरी है। पीड़िता के परिवार को हर संभव सहायता दी जा रही है।

