जेपी सेनानियों को पेंशन भुगतान सरकारी धन का दुरुपयोग, इस योजना को समाप्त करे सरकारः कांग्रेस

10/13/2021 11:26:17 AM

पटनाः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार विधान परिषद के सदस्य प्रेमचंद्र मिश्रा ने राज्य में जेपी सेनानियों को मिलने वाली पेंशन की राशि में बढ़ोतरी को अनुचित और इसे सरकारी धन का दुरुपयोग बताते हुए इस तरह की योजना को तुरंत समाप्त करने की मांग की।

प्रेमचंद्र मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का आंदोलन कांग्रेस सरकार के विरुद्ध चलाया गया एक राजनीतिक महत्वाकांक्षा से प्रेरित आंदोलन था। इसमें भाग लेने या जेल गए राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हजारों रुपए बतौर पेंशन देना एक तरह से सरकारी खजाने को अपने समर्थकों में बांटने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ सरकारी धन का दुरुपयोग है बल्कि गलत परंपरा की शुरुआत भी है, जिसे तत्काल वापस लेना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि 45 साल पहले के आंदोलनकारियों को आखिर कब तक सरकारी खजाने से पैसा दिया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि जब गरीबो, विकलांगों, महिलाओं, वृद्धजनों को प्रतिमाह मात्र 400 रुपये मिलने वाली पेंशन को बढ़ाने की मांग की जाती है तो मुख्यमंत्री पैसे की कमी बता कर मना कर देते हैं लेकिन जेपी सेनानियों के नाम पर अपने समर्थकों को प्रतिमाह पांच हज़ार रुपए से बढ़ाकर 7500 रुपए पेंशन के लिए पैसा है। यह अपने आप में कई सवाल खड़ा करता है।

मिश्रा ने कहा कि किसी भी राज्य में सत्तारूढ़ दल के नेताओं, समर्थकों और कार्यकर्ताओं को पेंशन देना कहीं से भी उचित नही है, बिहार जैसे गरीब राज्य के खजाने से प्रतिमाह करोड़ों रुपए को 45 साल पहले के राजनीतिक आंदोलन में भाग लेने वालों के बीच मे बांटना एक प्रकार की लूट और बंदरबांट करने जैसा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस तरह के पेंशन पर रोक लगनी ही चाहिए तथा इस मद में खर्च हो रहे सरकारी धन का उपयोग गरीबों, दलितों, विकलांगो, असहाय वृद्धों महिलाओं को मिलने वाली पेंशन की राशि की बढ़ोतरी में किया जाना चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या जेपी आंदोलन के आदर्श और मांगे पूरी हो गई, यदि नहीं तो फिर पेंशन क्यों।


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Ramanjot

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