31 साल बाद आया बड़ा फैसला, इस चर्चित हत्याकांड में दो वकीलों समेत 5 को उम्रकैद
Saturday, Jan 31, 2026-06:14 PM (IST)
Darbhanga News : बिहार में दरभंगा जिले की एक अदालत ने शनिवार को चर्चित पटोरी हत्याकांड मामले में दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं समेत पांच लोगों को सश्रम आजीवन कारावास एवं 10-10 लाख रूपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि जिले के चर्चित पटोरी हत्याकांड मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं समेत पांच लोगों को सश्रम आजीवन कारावास एवं 10-10 लाख रूपया अर्थ दंड की सजा सुनाई है। झा ने बताया कि दरभंगा जिला के विशनपुर थाना क्षेत्र के बसंत गांव निवासी वरीय अधिवक्ता एवं पूर्व लोक अभियोजक कौशर ईमाम हासमी, वरीय अधिवक्ता अंबर इमाम हासमी, राजा हासमी, मोबिन हासमी और अंजार हासमी को अदालत द्वारा भारतीय दंड विधान की धारा 302, 307, 149 एवं 27 आर्म्स एक्ट में दोषी पाया गया। उन्होंने बताया कि दोषियों को भारतीय दंड विधान संहिता 302 में सश्रम आजीवन कारावास और पांच लाख रुपया अर्थ दंड एवं भारतीय दंड विधान संहिता 307 में 10 वर्ष का कारावास और पांच लाख रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
जानें क्या है पूरा मामला?
जुर्माना की राशि जमा नहीं करने पर दोषियों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। लोक अभियोजक झा ने बताया कि न्यायालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकार को निदेशित किया है कि इस मामले में घायलों में जीवित लोगों एवं मृतक के आश्रितों को मुआवजा निर्धारित कर यथाशीघ्र भुगतान करें। उन्होंने बताया कि आठ अगस्त 1994 की शाम पटोरी गांव के राम कृपाल चौधरी, रामपुकार चौधरी समेत 12 से अधिक किसान भैंस चराकर लौटने के क्रम में गुणसार पोखर में भैंस को पानी पिला रहे थे। इस दौरान बसंत गांव के 25 से अधिक लोगों ने हथियार के बल पर उनके मवेशियों को जबरन बसंत गांव ले जाना चाहा। विरोध करने पर उन लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरु कर दी, जिसमें रामकृपाल चौधरी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं गोली लगने से छह लोग घायल हो गये।इसी मामले में अदालत ने यह सजा सुनाई है। सं.

