''ससुर या जेठ से हलाला करो, तभी... '' Whatsapp पर पत्नी को तीन तलाक दे पति ने रखी घिनौनी शर्त
Saturday, Feb 28, 2026-12:25 PM (IST)
Bihar News : डिजिटल युग में कानून की सख्ती के बावजूद 'तीन तलाक' और 'हलाला' जैसी कुरीतियां समाज का पीछा नहीं छोड़ रही हैं। बेगूसराय जिले के फुलवरिया थाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पति ने न केवल व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर अपनी पत्नी को तलाक दे दिया, बल्कि दोबारा साथ रहने के लिए ससुर या जेठ के साथ 'हलाला' करने की घिनौनी शर्त भी रख दी। पीड़िता ने अब राष्ट्रीय महिला आयोग का दरवाजा खटखटाकर न्याय की गुहार लगाई है।
शादी के तीन महीने बाद ही शुरू हुआ प्रताड़ना का दौर
शोकहारा-2 कलमबाग की रहने वाली 30 वर्षीय रुखसाना खातून की शादी 11 मार्च 2022 को पोखरिया निवासी मोहम्मद मकबूल के साथ हुई थी। रुखसाना का आरोप है कि निकाह के महज तीन महीने बाद ही पति मकबूल, ससुर अकबर, सास असरुन और जेठ रब्बान ने 5 लाख रुपए अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया।
बिजनेस के नाम पर लाखों की ठगी और जानलेवा हमला
पीड़िता के अनुसार, समझौते के बाद पति उसे दिल्ली ले गया, जहां बिजनेस के नाम पर उसकी मां के जेवर गिरवी रखवाकर 5 लाख रुपए लिए गए। इतना ही नहीं, मकबूल ने रुखसाना की पहली शादी से हुई बेटी के भविष्य के लिए रखी 1.40 लाख रुपये की एफडी (FD) भी जबरन तुड़वा ली। रुखसाना का दावा है कि पति अब तक उनसे करीब 16-17 लाख रुपए ऐंठ चुका है। जुलाई 2022 में जब पैसे वापस मांगे गए, तो रुखसाना के भाई पर जानलेवा हमला भी करवाया गया।
व्हाट्सएप पर तलाक और हलाला की शर्त
क्रूरता की हदें तब पार हो गईं जब 20 फरवरी 2024 को मकबूल ने रुखसाना को व्हाट्सएप पर 'तलाक, तलाक, तलाक' का संदेश भेजा। रुखसाना ने जब मिन्नतें कीं, तो पति ने शर्त रखी कि उसे वापस आने के लिए अपने ससुर या जेठ के साथ 'हलाला' करना होगा। इसके बाद 17 मार्च 2024 को आरोपी ने दूसरी शादी कर ली और रुखसाना के चरित्र पर सवाल उठाते हुए अपने ही बेटे को अपनाने से इनकार कर दिया।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
पीड़िता के वकील अभिषेक जायसवाल का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी पर उचित धाराएं (तीन तलाक कानून और धारा 307) लगाने के बजाय, पति के प्रभाव में आकर पीड़िता पर ही चोरी का केस दर्ज कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा, "फोन पर तीन तलाक देना गैरकानूनी है। हमने संबंधित पुलिस अधिकारी से दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। समाज में दहेज और तीन तलाक के खिलाफ कानूनों के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है।"

