“पति नहीं रहा, भतीजा रखता है बुरी नजर”...डिप्टी सीएम के सामने फफक-फफक कर रोई बेबस महिला; लगाई न्याय की गुहार

Sunday, Apr 05, 2026-12:44 PM (IST)

Bihar News : जब न्याय की उम्मीद में भटकती एक मां की चीत्कार सरकारी मंच पर गूंजी, तो वहां मौजूद अधिकारियों से लेकर आम जनता तक की आंखें नम हो गईं। मुंगेर में आयोजित 'भूमि सुधार जन कल्याण संवाद' कार्यक्रम उस वक्त भावुक क्षणों का गवाह बना, जब एक विधवा महिला ने अपनी व्यथा सुनाते हुए डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के सामने हाथ जोड़ लिए। महिला की आपबीती सुनने के बाद उप-मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मौके पर ही अधिकारियों को 'ऑन द स्पॉट' कार्रवाई के निर्देश दिए। 

"भतीजा मारता है, कमरे में ताला लगा दिया" 

घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब मुंगेर सदर अंचल की बारी आई। कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़ी बाजार की रहने वाली पीड़ित महिला जैसे ही माइक पर आई, वह खुद को संभाल नहीं सकी। फूट-फूटकर रोते हुए उसने बताया कि पति की मौत के बाद वह मात्र 5,000 रुपये की निजी नौकरी कर अपने बेटे को पाल रही है। 

महिला ने अपने ही रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "सास-ससुर की मौत के बाद मैं बेसहारा हो गई हूं। मेरा भतीजा मुझ पर बुरी नजर रखता है और मारपीट करता है। उसने मेरे कमरे में ताला लगा दिया है, जिससे मैं अपने ही घर में बेघर हो गई हूं। विरोध करने पर वह मुझे और मेरे बेटे को गोली मारने की धमकी देता है। पीड़िता ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए कि वह कई बार थाने और अंचल कार्यालय के चक्कर लगा चुकी है, लेकिन अब तक उसे कहीं से न्याय नहीं मिला। 

डिप्टी सीएम का सख्त तेवर: "ताला खुलवाओ और जेल भेजो" 

महिला की आपबीती सुनकर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा का पारा चढ़ गया। उन्होंने मंच पर मौजूद प्रमंडलीय आयुक्त अमृत लाल मीणा और एसपी सैयद इमरान मसूद को संबोधित करते हुए कहा कि एक अकेली महिला के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उप-मुख्यमंत्री ने एसपी और एसडीएम को तुरंत महिला के घर जाकर कमरे का ताला खुलवाने का आदेश दिया। संबंधित थानाध्यक्ष को निर्देशित किया गया कि महिला और उसके बेटे की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होगी। सिन्हा ने कहा, "एक महिला जो मेहनत कर बच्चे पाल रही है, उसे दबंग बेघर कर रहे हैं और प्रशासन चुप है? यह मानसिकता समाज के लिए कलंक है। दोषी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।" 

स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कमान 

विजय सिन्हा ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए मुंगेर नगर निगम की मेयर कुमकुम देवी को भी तलब किया। उन्होंने मेयर को आदेश दिया कि वह खुद वार्ड नंबर 28 में पीड़िता के घर जाएं और उसकी हर संभव मदद सुनिश्चित करें।


 


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Ramanjot

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