Tej Pratap Yadav Dahi Chura Bhoj: तेज प्रताप के सरकारी आवास पर आज दही-चूड़ा भोज, क्या शामिल होगा पूरा परिवार
Wednesday, Jan 14, 2026-09:53 AM (IST)
Tej Pratap Yadav Dahi Chura Bhoj: जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव अपने सरकारी आवास 26 एम स्ट्रैंड में आज यानी 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन करेंगे। बताया जा रहा है कि सुबह 11 बजे से दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि तेज प्रताप ने इस भोज के लिए अपने पूरे परिवार के साथ पक्ष और विपक्ष के बड़े नेताओं को निमंत्रण दिया गया है।
तेज प्रताप ने राबड़ी आवास पहुंचकर पूरे परिवार को दिया निमंत्रण
लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव एक बार फिर 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पहुंचे और पूरे परिवार को दही-चूड़ा भोज के लिए निमंत्रण दिया। इस संबंधी तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले “ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज” के लिए पूरे परिवार को निमंत्रण दिया है। उन्होंने लिखा कि यह मुलाकात उनके लिए भावनात्मक रही और परिवार से मिले आशीर्वाद को उन्होंने जीवन का अनमोल क्षण बताया।
मंत्रियों और विपक्षी नेताओं को भी न्योता
तेजप्रताप यादव का दही-चूड़ा भोज केवल पारिवारिक आयोजन नहीं है। उन्होंने बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों और नेताओं को भी व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण दिया है। इनमें डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, अशोक चौधरी, रामकृपाल यादव, दिलीप जायसवाल, रमा निषाद समेत कई नाम शामिल हैं।
बता दें कि एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में पेश किए जाने के बावजूद इसके गहरे राजनीतिक मायने निकाल जा रहे हैं। दरअसल तेज प्रताप के भारतीय जनता पार्टी और अन्य NDA घटकों के नेताओं को निमंत्रण देने के कारण बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। वही तेज प्रताप के इस दांव ने बिहार का सियासी पारा बढ़ा दिया है। वहीं दावत के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए, तेज प्रताप ने कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से सांस्कृतिक है और परंपरा से जुड़ा है। उन्होंने कहा, "मकर संक्रांति पारंपरिक रूप से चूड़ा, दही, गुड़ और तिल के लड्डू के साथ मनाई जाती है। यह दावत उसी सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा को बनाए रखने के लिए आयोजित की जा रही है।" उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा निमंत्रण पत्र खुले तौर पर बांटे जा रहे।

