Bihar News: सड़कों की खराबी अब नहीं छुपेगी: AI–ML से होगी निगरानी, लापरवाह ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट

Wednesday, Jan 07, 2026-08:13 PM (IST)

Bihar News: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज सड़कों के आधुनिक संधारण हेतु OPRMC-III (Output and Performance Based Road Maintenance Contract) के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राज्य सरकार द्वारा सड़कों की गुणवत्ता और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गई नई रूपरेखा पर चर्चा हुई। 

OPRMC-II की सफलता को देखते हुए OPRMC-III को पुनः 7 वर्षों के लिए लागू किया जा रहा है। इसके तहत कुल 100 पैकेजों में 19,327 किलोमीटर लंबी सड़कों के संधारण का प्रावधान किया गया है। योजना के लिए औसत लागत 1.22 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर (7 वर्षों के लिए) आंकलित की गई है। पिछले चरण में कुल 72 पैकेजों में 13,064 किमी सड़कों का प्रावधान था, जिसकी तुलना में इस बार लक्ष्य को काफी बढ़ाया गया है।
 

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6 मीटर तक के पुल-पुलियों का पूर्ण संधारण एवं प्रबंधन OPRMC-III द्वारा किया जाएगा। 6 मीटर से ऊपर के पुलों के मामले में केवल Approach Road के Crust & Shoulder का संधारण किया जाएगा। जल निकासी हेतु नाले के निर्माण कार्य को संपूर्ण लंबाई के 1% तक सीमित रखा गया है।

सड़कों की त्रुटियों के सर्वेक्षण हेतु AI/ML तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम हो। इस तकनीक के लागू होने से त्रुटियों के निराकरण हेतु संवेदकों के Response Time को कम किया जाएगा। इमरजेंसी, वीवीआईपी मूवमेंट और प्राकृतिक आपदा जैसे कार्यों हेतु Provisional Sum की एकमुश्त राशि को निविदा राशि से अलग रखा गया है।

लापरवाही बरतने वाले संवेदकों को Debar एवं Blacklist में डालने के कड़े प्रावधान किए गए हैं। कर्मियों और उपकरणों से संबंधित 'Missing Documents' को अब डिस्क्वालिफिकेशन का आधार नहीं माना जाएगा। पिछले 5 वर्षों में नेट प्रॉफिट की पात्रता को 3 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष किया गया है।

सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या हेतु चिन्हित प्राधिकार को सूचना देने और समन्वय करने का विशेष प्रावधान है। इस बैठक में पथ निर्माण विभाग के सचिव, पंकज पाल, वित्त विभाग की सचिव (व्यय) रचना पाटिल भी उपस्थित रहे।


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Ramanjot

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