तेजस्वी यादव रिहा, NEET पेपर लीक... छात्रों पर AK-47 के इस्तेमाल पर जताई आपत्ति
Wednesday, Aug 19, 2026-04:02 PM (IST)
पटना: बिहार में नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हालिया पुलिस कार्रवाई के खिलाफ बुधवार को मार्च निकाल रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को पटना में हिरासत में ले लिया गया। बाद में सचिवालय थाने से उन्हें रिहा कर दिया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि "जब तक मुख्यमंत्री जिम्मेदारी तय नहीं करेंगे पूरी घटना का वक्तव्य नहीं देंगे और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया ये लोगों के सामने नहीं रखेंगे, छात्रों के साथ न्याय नहीं होता, बेरोजगारी खत्म नहीं होती हम लड़ाई लड़ते रहेंगे।
#WATCH पटना: बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को सचिवालय थाने से रिहा किया गया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 19, 2026
उन्होंने कहा, "जब तक मुख्यमंत्री जिम्मेदारी तय नहीं करेंगे पूरी घटना का वक्तव्य नहीं देंगे और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया ये लोगों के सामने नहीं… pic.twitter.com/AjmbD3RUJs
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने बताया तेजस्वी यादव को आयकर चौराहे के पास पुलिस वाहन में ले जाया गया। पुलिस वाहन में बैठाए जाने के दौरान यादव ने आरोप लगाया, ''सरकार छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लगातार लीक हो रहे हैं। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव के नेतृत्व में राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिन में यहां जेपी गोलंबर से लोक भवन के लिए विरोध मार्च निकाला। मार्च के रास्ते में लगाए गए बैरिकेड को पार करने की कोशिश कर रहे राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पानी की बौछार भी की।

इस दौरान यादव भी मौजूद थे। राजद सांसद मनोज झा ने कहा, ''जेन जी की भावनाओं को समझना जरूरी है। बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ सरकार ने एके-47 राइफलों का इस्तेमाल किया और दिल्ली में ईमानदार एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग करने पर उनके खिलाफ पैलेट गन और कील लगे डंडों का इस्तेमाल किया गया।'' उन्होंने कहा, ''हम यह मार्च इन सभी पहलुओं को बिहार के राज्यपाल के संज्ञान में लाने के लिए निकाल रहे हैं।

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि प्रदर्शनकारी लोक भवन में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। राजद के मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दावा किया कि यह तेजस्वी यादव का ''करियर बचाने'' के लिए निकाला गया मार्च है। सरावगी ने आरोप लगाया, ''वह छात्र, क्रिकेटर और राजनेता के रूप में विफल रहे हैं। अब वह ऐसे मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे बिहार सरकार पहले ही सुलझा चुकी है।'' पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को बिहार के राज्यपाल से मिलने की अनुमति दी जाएगी।

