धर्म की मिसाल बनीं नज़मा खातूनः 9 सालों से कर रही हैं छठ पूजा, बोलीं- छठी मईया ने पूरी की मेरी मन्नत
Saturday, Oct 29, 2022-01:06 PM (IST)
पटना (अभिषेक कुमार सिंह): लोक आस्था का महापर्व छठ बिहार सहित पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। अब छठ पर्व की पहचान ग्लोबल रूप में हो रही है। छठ पर्व का आज दूसरा दिन है। आज छठ व्रती खरना का प्रसाद बनाते हैं और उसको ग्रहण करते हैं। पटना में भी छठ पर्व की रौनक देखते बन रही है। इसी बीच हम आपको एक अलग तस्वीर दिखाने जा रहे हैं।

9 सालों से छठ पूजा कर रही हैं नज़मा
दरअसल, पटना की एक मुस्लिम महिला नज़मा खातून 9 सालों से छठ पूजा कर रही हैं। पटना के बैंक रोड में नज़मा की कबाड़ी की दुकान है। उसी दुकान के अंदर नज़मा का घर भी है। नज़मा वही 9 सालों से छठ कर रही हैं। नज़मा के 5 बच्चे हैं। पंजाब केसरी से बातचीत के दौरान नज़मा बताती हैं कि उन्हें लड़का नहीं हो रहा था इसके लिए उन्होंने छठ मईया से मन्नत मांगी और मन्नत पूरी होने के बाद वो तब से छठ पूजा कर रही है। छठ पूजा को लेकर नज़मा की आस्था तब से लगातार बढ़ता जा रहा है।

नज़मा को मिलता है परिवार का भरपूर सहयोग
नज़मा बताती हैं कि छठ पूजा में पूरे परिवार का सहयोग उनको भरपूर मिलता है। छठ के दौरान हिंदू परिवारों की तरह उनके घर में कोई लहसन प्याज नहीं खाता है। घर में कोई ऐसा भोजन नहीं बनता है जिसमें लहसुन प्याज डाला जाए। इतना ही नहीं जिन बर्तनों में उनके घर हर दिन खाना पकाया जाता है, उसमें प्रसाद बनाने से परहेज किया जाता है। सबलोग उनके घर प्रसाद खाने भी आते हैं।

पूरी विधि विधान के साथ करती हैं छठ पूजा
नज़मा कहती हैं कि वो पूरी विधि विधान के साथ छठ पर्व को करती है। वो अर्घ्य देने पटना के गंगा घाट पूरे परिवार के साथ जाती है। पंजाब केसरी के सवाल कि क्या उनके छठ करने पर मुस्लिम समाज के लोगों को कोई आपत्ति होती है। इसपर उन्होंने जवाब दिया कि सब के शरीर के खून का रंग लाल है। हमने उसे हिन्दू और मुस्लिम में बांट दिया है। नज़मा आज के समाज के लिए कहीं न कहीं नज़ीर बन गई हैं। धर्म के ठीकेदारों ने जिसतरह समाज को बांटने का काम किया है, वहीं नज़मा के छठ की कहानी कहीं न कहीं आज के समाज के लिए प्रेरणादायक है।

