Land For Job Case: लालू यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, FIR रद्द करने की मांग खारिज
Tuesday, Mar 24, 2026-07:07 PM (IST)
Bihar News: लैंड फॉर जॉब मामले में आरजेडी सुप्रीमो Lalu Prasad Yadav को बड़ा झटका लगा है। Delhi High Court ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने CBI द्वारा दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की थी। जस्टिस Ravinder Dudeja ने साफ कहा कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है।
CBI जांच पर उठे सवाल, कोर्ट ने नहीं माना तर्क
सुनवाई के दौरान लालू यादव की ओर से वरिष्ठ वकील Kapil Sibal ने दलील दी कि CBI ने 18 मई 2022 को FIR दर्ज की, जबकि कथित घटनाएं उस समय की हैं जब यादव रेल मंत्री के रूप में अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसी ने जरूरी कानूनी मंजूरी (सेंक्शन) लिए बिना मामला दर्ज किया, जो कानून के खिलाफ है। लेकिन कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया।
सेक्शन 17A पर कोर्ट की स्पष्ट व्याख्या
याचिका में मुख्य रूप से यह दलील दी गई थी कि प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 17A के तहत पहले मंजूरी जरूरी थी। हालांकि कोर्ट ने कहा कि यह प्रावधान भविष्य (prospective) के मामलों पर लागू होता है जबकि यह केस 2004 से 2009 के बीच की घटनाओं से जुड़ा है। इसलिए इस मामले में 17A लागू नहीं होगा और FIR वैध मानी जाएगी।
ट्रायल पर पहले भी नहीं लगी थी रोक
गौरतलब है कि इससे पहले भी कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार किया था। इस फैसले को बाद में Supreme Court of India ने भी बरकरार रखा था।
क्या है पूरा ‘Land For Job’ मामला?
CBI के अनुसार 2004-2009 के दौरान रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव पर आरोप है कि रेलवे में ग्रुप D पदों पर नियुक्ति के बदले जमीन ली गई। नौकरी के इच्छुक लोगों या उनके परिजनों ने जमीन सस्ते में या गिफ्ट के रूप में ट्रांसफर की गयी। यह जमीन कथित तौर पर यादव परिवार या उनसे जुड़े लोगों के नाम की गई। हालांकि, यादव परिवार इन आरोपों को लगातार नकारता रहा है और इसे राजनीतिक साजिश करार देता है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जांच, FIR और आगे की प्रक्रिया वैध है। मंजूरी न होने का तर्क इस मामले में लागू नहीं होता। याचिका में कोई दम नहीं, इसलिए इसे खारिज किया जाता है।

