इंदौर अग्निकांड: एक झटके में खत्म हो गई 3 पीढ़ियां, आखिरी दीदार भी नहीं कर सके परिजन; ''तीया'' की रस्म में फफक पड़ा पूरा शहर
Friday, Mar 20, 2026-02:50 PM (IST)
Indore Fire Tragedy : इंदौर के भीषण अग्निकांड में बिहार के एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई। किशनगंज निवासी सेठिया परिवार की तीन पीढ़ियां एक झटके में खत्म हो गई। वहीं शुक्रवार को जब किशनगंज में 'तीया' की रस्म अदा की गई, तो पूरा शहर गमगीन था और हर आंख नम थी।
हादसे की भयावहता: अंतिम दर्शन भी न हुए नसीब
यह हादसा इंदौर के ब्रजेश्वर कॉलोनी में हुआ। विजय सेठिया के पुत्र विकास और अन्य परिजन जब बदहवास होकर इंदौर पहुंचे, तब तक शवों की स्थिति (अत्यधिक झुलसने के कारण) देखते हुए प्रशासन को उनका अंतिम संस्कार करना पड़ा था। परिजनों को इस बात का मलाल ताउम्र सालता रहेगा कि वे अपनों का आखिरी चेहरा भी नहीं देख सके।
डिजिटल लॉक ने छीना बचने का मौका
पुलिस जांच में हादसे के पीछे की रोंगटे खड़े कर देने वाली वजह सामने आई है। बताया जा रहा है कि बाहर खड़ी कार से शुरू हुई आग ने घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। सिलेंडरों के फटने से मकान का एक हिस्सा ढह गया। सबसे दुखद पहलू यह रहा कि घर में लगे डिजिटल लॉक बिजली कटने या तकनीकी खराबी के कारण खुल नहीं पाए, जिससे अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला।
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मौन जुलूस और 'तीया' की रस्म
शुक्रवार सुबह किशनगंज में 'तीया' की रस्म के लिए एक मौन जुलूस निकाला गया तो हर आंख नम हो गई। लोगों ने भारी मन से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इस हादसे में अपनी पत्नी रुचिका और बेटे कार्तिक को खोने वाले राजेश जैन की स्थिति देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की रूह कांप उठी।
हादसे में जान गंवाने वाले मृतक:
इस त्रासदी ने कुल 8 लोगों की जान ली, जिनमें किशनगंज के एक ही परिवार के 6 सदस्य शामिल थे:
विजय सेठिया (65 वर्ष)
सुमन सेठिया (60 वर्ष)
टीनू सेठिया (35 वर्ष)
छोटू सेठिया (22 वर्ष)
राशि सेठिया (12 वर्ष)
तनय (8 वर्ष)
इसके अलावा इंदौर निवासी मनोज पुगलिया (65) और उनकी बहू सिमरन (30) ने भी इस अग्निकांड में दम तोड़ दिया।

