पंचर बनाने वाला ''नौशाद'' निकला पाकिस्तान का एजेंट! सेना की जानकारी देने पर मिलते थे 6000 रुपए, देशभर में फैला था नेटवर्क
Monday, Mar 23, 2026-12:10 PM (IST)
ISI Agent Arrested: देश की सामरिक सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस नेटवर्क का जाल बिहार से लेकर हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि पकड़े गए आरोपी 'सोलर कैमरों' के जरिए भारतीय सेना की मूवमेंट पर नजर रख रहे थे और गोपनीय डेटा सीधे पाकिस्तान भेज रहे थे।
साजिश का डिजिटल जाल
आरोपियों ने दिल्ली और हरियाणा के रेलवे स्टेशनों के पास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर गुप्त सोलर-पावर्ड कैमरे लगाए थे। इनकी योजना पूरे देश में ऐसे 50 कैमरे स्थापित करने की थी। पाकिस्तानी व्हाट्सएप ग्रुप्स पर सेना से जुड़ी हर तस्वीर या वीडियो भेजने के बदले आरोपियों को 4,000 से 6,000 रुपए तक मिलते थे। मुख्य आरोपी नौशाद अली के साथ मथुरा से हथियारों की तस्करी में शामिल मीरा नामक महिला और नेटवर्क के सरगना सुहेल मलिक सहित अब तक 22 लोग सलाखों के पीछे हैं।
पंचर बनाने वाले की आड़ में 'स्लीपर सेल'
बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला नौशाद अली उर्फ लालू फरीदाबाद के एक पेट्रोल पंप पर पंचर बनाने की दुकान चलाता था। पुलिस जांच के अनुसार, नौशाद इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड सुहेल मलिक उर्फ रोमियो का दाहिना हाथ है। वह सीधे पाकिस्तानी हैंडलर 'जोरा सिंह उर्फ सरदार' के संपर्क में था। 16 मार्च की शाम, गाजियाबाद पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन के तहत फरीदाबाद से नौशाद को उस वक्त दबोचा जब वह पेट्रोल पंप पर काम कर रहा था। पुलिस ने मौके से उसका मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें कई संवेदनशील दस्तावेज और चैट मिले हैं।
मथुरा से महिला तस्कर गिरफ्तार
इस ऑपरेशन में मथुरा से मीरा नामक महिला की गिरफ्तारी बेहद अहम मानी जा रही है। मीरा न केवल हथियारों की तस्करी में माहिर है, बल्कि उसके पास से प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्रों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सैकड़ों तस्वीरें बरामद हुई हैं। वह इस जासूसी तंत्र में लॉजिस्टिक और सूचना साझा करने का मुख्य जरिया थी।
बेहिसाब संपत्ति और पारिवारिक जांच
नौशाद की गिरफ्तारी के बाद उसके पैतृक गांव हरचंदा (बिहार) में सन्नाटा है। स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, नौशाद के पिता जलालुद्दीन ने पिछले कुछ वर्षों में अचानक कई महंगे जमीन के प्लॉट खरीदे हैं। UP पुलिस अब नौशाद के पिता और कोलकाता में रहने वाले उसके भाई के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है ताकि टेरर फंडिंग के स्रोतों का पता लगाया जा सके।
आगे की कार्रवाई
DCP धवल जायसवाल के नेतृत्व में जांच टीमें वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी कर रही हैं। इस नेटवर्क में कई नाबालिगों के शामिल होने की बात भी सामने आई है, जिन्हें 'ब्रेनवॉश' कर इस दलदल में धकेला गया था। सेना और सभी खुफिया एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

