Economic Survey: 'बिहार की GDP वृद्धि दर 14.5 फीसदी...अर्थव्यवस्था 8.54 लाख करोड़', सम्राट चौधरी ने पेश किया आर्थिक सर्वे
Friday, Feb 28, 2025-04:48 PM (IST)
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Bihar Economic Survey 2024-25: बिहार में कृषि, उद्योग और सेवा समेत सभी क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन की बदौलत पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से अधिक 14.5 प्रतिशत होने के अनुमान के साथ अर्थव्यवस्था का आकार 8.54 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश।। Economic survey report
वित्त मंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) ने शुक्रवार को बजट सत्र (Bihar Budget Session) के पहले दिन सदन में बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश ( Bihar Economic survey report ) किया, जिसमें कहा गया है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा वित्तीय वर्ष 2023-24 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GDP) में वर्तमान मूल्य पर 14.5 प्रतिशत की और 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 9.2 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2023-24 में पिछले वर्ष की तुलना में प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद के वर्तमान मूल्य पर 12.8 प्रतिशत बढ़कर 66 हजार 828 रुपये और 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 7.6 प्रतिशत बढ़कर 36 हजार 333 रुपये पहुंच जाने की संभावना है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, आधार वर्ष 2011-12 पर आधारित गणना के अनुसार जीएसडीपी के सबसे हाल के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान मूल्य पर बिहार की अर्थव्यवस्था वित्तीय वर्ष 2011-12 के 2.47 लाख करोड़ रुपये से साढ़े तीन गुना बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 8.54 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई।
देखिए रिपोर्ट
हाल के उपलब्ध अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2023-24 के लिए बिहार का जीएसडीपी वर्तमान मूल्य पर आठ लाख 54 हजार 429 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2011-12 के स्थिर मूल्य पर चार लाख 64 हजार 540 करोड़ रुपया होना अनुमानित है। राज्य में 2011-12 के स्थिर मूल्य पर सकल राज्यगत मूल्यवर्धन (जीएसवीए) में तृतीयक क्षेत्र (सेवा क्षेत्र) का 58.6 प्रतिशत योगदान अनुमानित है जिसके बाद द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग) का 21.5 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र (कृषि) का 19.9 प्रतिशत योगदान है। वित्त वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार का कुल व्यय दो लाख 52 हजार 82 करोड़ रुपये था। वर्ष 2023-24 में हुए कुल व्यय में योजना व्यय एक लाख एक हजार 835 करोड़ रुपये जबकि कुल स्थापना एवं समर्पित व्यय एक लाख 50 हजार 247 करोड़ रुपये था।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच राज्य सरकार के राजस्व और पूंजीगत, दोनों लेखों में वृद्धि हुई लेकिन पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय तेज वृद्धि हुई। इस अवधि में राजस्व व्यय 1.5 गुना बढ़ा जबकि पूंजीगत व्यय 3.1 गुना बढ़ गया। इससे राज्य सरकार द्वारा किए गए कुल व्यय के प्रतिशत में पूंजीगत व्यय का हिस्सा 2019-20 के 14 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 24 प्रतिशत हो गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कर राजस्व एक लाख 61 हजार 965 करोड़ रुपये पहुंच गया, जिसके कारण यह राजस्व प्राप्ति का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है। कुल प्राप्तियों में कर राजस्व का हिस्सा 2019-20 के 75.3 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 83.8 प्रतिशत हो गया। वर्ष 2023-24 में कुल सहायता अनुदान 26,125 करोड़ रुपये था, जिसका कुल प्राप्तियों में 13.5 प्रतिशत हिस्सा था जबकि कर से इतर राजस्व 5,257 करोड़ रुपये था, जिसका कुल प्राप्तियों में 2.7 प्रतिशत योगदान था।