Reels बनाने वालों की बल्ले-बल्ले: अब सोशल मीडिया क्रिएटर्स को हर वीडियो पर मिलेंगे 1 लाख रुपये, जानें कैसे?

Thursday, Aug 20, 2026-03:56 PM (IST)

पटना : बिहार में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार करने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स और इंफ्लुएंसर्स के लिए बड़ी खबर है। बिहार सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों पर कंटेंट बनाने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स, राज्य कैबिनेट द्वारा बुधवार को मंज़ूर किए गए नियमों में बदलाव के तहत हर वीडियो पर अब 1 लाख रुपये तक की कमाई कर सकतें हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंज़ूर किए गए 13 प्रस्तावों में 'बिहार सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन मीडिया नियम, 2026' में बदलाव भी शामिल था।एक अधिकारी ने बताया कि बिहार के सरकारी मीडिया नियमों के दायरे में आने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और अन्य ऑनलाइन कंटेंट क्रिएटर्स अपने वीडियो पर मिलने वाले व्यूज़ के आधार पर अतिरिक्त पेमेंट पाने के हकदार होंगे। 

परफॉर्मेंस के 30 दिन पूरे होने के बाद हर 1 लाख व्यूज़ पर 10,000 रुपये का अतिरिक्त पेमेंट मिलेगा। अधिकारी ने कहा, एक वीडियो के लिए ज़्यादा से ज़्यादा 1 लाख रुपये का पेमेंट किया जाएगा और बताया कि इसमें कई प्रावधान शामिल किए गए हैं। सूचना और जनसंपर्क विभाग ने कहा कि जल्द ही एक विस्तृत नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। 

बता दें कि इन बदलावों में लिस्टेड सोशल मीडिया हैंडल, पेज और चैनलों के फॉलोअर्स की समय-समय पर जांच का प्रावधान भी शामिल है। कैबिनेट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम विकसित करने के लिए राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और ताइयो एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक MoU को भी मंज़ूरी दी। 

इस सहयोग में सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की पहचान, प्राथमिकता तय करना और निगरानी करना, प्रोजेक्ट में देरी और लागत बढ़ने की शुरुआती चेतावनी के लिए AI-इनेबल्ड डैशबोर्ड और जियोस्पेशियल और डेमोग्राफिक डेटा का AI-असिस्टेड विश्लेषण शामिल होगा। 

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इसमें अधिकारियों के लिए डिजिटल गवर्नेंस ट्रेनिंग और छात्रों, युवाओं और महिलाओं के लिए AI और डेटा एनालिटिक्स प्रोग्राम भी शामिल होंगे। एक अन्य फैसले में लखीसराय में कजरारा सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित ज़मीन से जुड़े लीज़ डॉक्यूमेंट्स के लिए स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस से 100% छूट को मंज़ूरी दी गई।

कैबिनेट ने बक्सर और भागलपुर को जोड़ने वाले 336 किलोमीटर लंबे छह-लेन वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को भी मंज़ूरी दी। अन्य फैसलों के अलावा कैबिनेट ने 2026-27 में 11,000 अतिरिक्त निजी ट्यूबवेल के लिए 83.60 करोड़ रुपये मंज़ूर किए, जिससे इस योजना के तहत कुल संख्या 46,000 हो गई है।

इसने आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन, सेक्स-सॉर्टेड सीमेन, एम्ब्रियो ट्रांसफर और इन-विट्रो फर्टिलाइज़ेशन का इस्तेमाल करके मवेशियों की नस्ल सुधार कार्यक्रम के लिए 63.93 करोड़ रुपये भी मंज़ूर किए। इस प्रोग्राम का मकसद दूध के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाना और डेयरी सेक्टर को मज़बूत करना है।

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कैबिनेट ने नरपतगंज सिंचाई डिवीज़न में नहर प्रणालियों की बहाली के लिए 30.36 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को मंज़ूरी दी। इसने कटिहार डिवीज़न में नहर बहाली के कामों के लिए 35.82 करोड़ रुपये को भी मंज़ूरी दी। बता दें कि दोनों प्रोजेक्ट दो साल में पूरे किए जाने हैं।

सरकार ने मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रायम में प्रस्तावित नई सहकारी चीनी मिलों के लिए प्राथमिक सहकारी समितियों को भी मंज़ूरी दी और कुल 48,200 मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता वाले गोदामों के लिए 34.95 करोड़ रुपये मंज़ूर किए। कैबिनेट ने जिला, डिवीज़न और राज्य स्तर पर मत्स्य पालन सहकारी निकायों के गठन को भी मंज़ूरी दी।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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