लातेहार में पांच लाख रुपये के इनामी नक्सली ने किया आत्मसमर्पण, IG और SP के सामने डाले हथियार
Thursday, Apr 02, 2026-06:03 PM (IST)
Jharkhand News: झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के सब-जोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा उर्फ टाइगर ने लातेहार पुलिस के समक्ष आज आत्मसमर्पण कर दिया। पांच लाख रुपये के इनाम वाले इस नक्सली ने पलामू आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा और लातेहार एसपी कुमार गौरव के सामने हथियार डाले।
सुरेंद्र लोहरा लातेहार सदर थाना क्षेत्र के मांजर गांव का निवासी है। वह पिछले 20 वर्षों से विभिन्न नक्सली संगठनों में सक्रिय था। पुलिस अधिकारियों ने आत्मसमर्पण के दौरान उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया। लातेहार एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में पुलिस ने पिछले कई दिनों से नक्सलियों के खिलाफ व्यापक छापेमारी अभियान चलाया जा रहा था। पहले से ही कमजोर हो चुके नक्सलियों को आत्मसमर्पण का अंतिम मौका दिया गया था। झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति की जानकारी मिलने के बाद सुरेंद्र ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें नीति की पूरी जानकारी दी और आश्वासन दिया कि आत्मसमर्पण के बाद सरकार द्वारा प्रस्तावित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद सुरेंद्र ने गुरुवार को आत्मसमर्पण कर दिया। पलामू आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा, 'झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाकर बचे हुए नक्सली अपने जीवन को सुरक्षित बनाएं।
लातेहार एसपी कुमार गौरव के डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में 28 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। अन्य नक्सलियों से अपील है कि वे मुख्यधारा में लौट आएं।' लातेहार एसपी कुमार गौरव ने बताया, 'सुरेंद्र उर्फ टाइगर पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को सभी सुविधाएं दी जाती हैं। लातेहार जिला अब नक्सली मुक्त होने के कगार पर है। शेष नक्सलियों के पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।' आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान डीएसपी विनोद रवानी, इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार, थाना प्रभारी कृष्ण पाल सिंह पवैया समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। पुलिस का दावा है कि निरंतर अभियानों और सरकार की नीति के कारण लातेहार जल्द ही पूर्ण रूप से नक्सली मुक्त हो जाएगा।

