भारी बारिश से तबाही की आहट, झारखंड के 2 जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी

Wednesday, Aug 19, 2026-11:26 AM (IST)

जमशेदपुर/रामगढ़: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और रामगढ़ जिलों में लगातार बारिश के कारण खरकई और स्वर्णरेखा नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने और पतरातू बांध का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 

पूर्वी सिंहभूम में जिला प्रशासन ने स्थानीय निकायों को सतर्क किया और अधिकारियों को जमशेदपुर में दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 122.96 मीटर से ऊपर पहुंच गया है, जो 121.50 मीटर के खतरे के निशान से 1.46 मीटर अधिक है। वहीं, खरकई नदी का जलस्तर 134.37 मीटर है, जो 129 मीटर के खतरे के स्तर से 5.37 मीटर ऊपर है। प्रशासन ने खासकर नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर आश्रय स्थलों में जाने की अपील की। लोगों को उफनती नदियों के पास जाने से बचने की सलाह भी दी गई। 

रामगढ़ में पतरातू बांध का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया, जिसके बाद पतरातू थर्मल पावर स्टेशन (PTPS) और जिला प्रशासन ने दामोदर नदी के निचले इलाकों में स्थित गांवों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की। राज्य के जल संसाधन विभाग के तहत आने वाले पीटीपीएस के संपदा अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि बांध का जलस्तर 1,326.5 आरआरएल तक पहुंच गया है, जो निर्धारित 1,327.5 आरआरएल स्तर से केवल एक फुट नीचे है। उन्होंने कहा, ''पिछले 48 घंटों में बांध के जलग्रहण क्षेत्र और ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।'' 

उपायुक्त ऋतुराज ने बताया कि चेतावनी जारी होने के बाद बचाव दल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के कर्मियों और स्वयंसेवकों को तैयार रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि बांध अधिकारियों ने प्रशासन को सूचित किया है कि अगर जलस्तर और बढ़ता है तो बांध के गेट खोलने पड़ सकते हैं। एक अधिकारी ने कहा, ''गेट केवल जरूरत के अनुसार ही खोले जाएंगे। हम जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं और बांध से पानी छोड़े जाने से पहले इसकी जानकारी दे दी गई है।'' 


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Ramanjot

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