सफाई कर्मियों की हड़ताल का तीसरा दिन, पटना शहर में चलाना पड़ा विशेष सफाई अभियान
Saturday, Aug 01, 2026-07:57 PM (IST)
पटना: पटना नगर निगम के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर शनिवार को तीसरे दिन साफ-साफ दिखा है। राजधानी के कई इलाकों में कूड़े के अंबार लग गए हैं। रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कचरे से तेज बदबू फैल रही है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर करीब 8 हजार स्थायी, दैनिक और आउटसोर्स कर्मी गुरुवार (30 जुलाई) से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण डोर-टू-डोर कचरा उठाव और सड़कों की सफाई पूरी तरह ठप हो गई है।
शहर की हालत
तीन दिनों से सफाई कर्मियों और ड्राइवरों के काम पर नहीं आने से घरों, गलियों और सड़कों पर कचरा जमा हो गया है। लोग मजबूरन घर का कचरा सड़कों पर फेंक रहे हैं। मंदिरी, किदवईपुरी, नागेश्वर कॉलोनी, मीठापुर, राजीव नगर, इंद्रपुरी समेत कई इलाकों में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर दिख रहे हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
निगम की ओर से चला विशेष अभियान
पटना नगर निगम ने शुक्रवार की रात स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में रात करीब 10 बजे से विशेष सफाई अभियान शुरू किया गया, जो देर रात तक चलता रहा। इस दौरान पोकलेन मशीन, कचरा उठाने वाले वाहनों और अन्य संसाधनों की मदद से सैदपुर, कंकड़बाग, कदमकुआं, न्यू मार्केट और पटना जंक्शन जैसे प्रमुख इलाकों से कचरे को हटाया गया।
काम पर लौटने की अपील
पटना नगर निगम आयुक्त यशपाल मीणा ने हड़ताली कर्मियों से काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन वार्ता के लिए पूरी तरह तैयार है। आयुक्त ने बताया कि कर्मचारियों की तीन सूत्री मांगों को लेकर सचिव स्तर पर पहले भी बैठक हो चुकी है। बकाया राशि का भुगतान पहले भी समय पर किया गया है और आगे भी नियमानुसार होता रहेगा। कर्मचारियों की मांगों को उच्च अधिकारियों के समक्ष पत्र भेज दिया गया है और उन पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पटना शहर की साफ-सफाई हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

