पुरुषों के लिए ''Danger Zone'' बनी यह उम्र, तेजी से बढ़ रहा दिल की बीमारी का खतरा, रिसर्च ने उड़ाई नींद

Saturday, Feb 07, 2026-05:36 PM (IST)

Heart disease in youth: लंबे समय तक यह माना जाता था कि दिल की बीमारियां केवल 60 की उम्र के बाद का संकट हैं, लेकिन समकालीन शोध ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। हाल ही में आई CARDIA (कार्डिया) स्टडी के अनुसार, युवाओं के दिल पर बढ़ता दबाव एक गंभीर चेतावनी है। रिसर्च में यह पाया गया है कि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में दिल की बीमारी लगभग 10 साल पहले विकसित हो सकती है। 

क्या कहती है CARDIA स्टडी? 

18 से 30 वर्ष की आयु के 5,000 से अधिक युवाओं पर किए गए इस दीर्घकालिक अध्ययन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: 

समान जोखिम: 20 से 29 वर्ष की आयु तक पुरुषों और महिलाओं दोनों में हृदय रोग का खतरा लगभग एक जैसा रहता है। 

बढ़ता अंतराल: 35 वर्ष की आयु के आसपास पुरुषों में जोखिम का ग्राफ तेजी से ऊपर की ओर बढ़ता है। 

दशक भर का अंतर: महिलाओं की तुलना में पुरुषों का हृदय स्वास्थ्य औसतन 10 साल पहले बिगड़ना शुरू हो जाता है, और यह अंतर 50 साल की उम्र तक बना रहता है। 

पुरुषों में जोखिम अधिक होने के मुख्य कारण 

विशेषज्ञों ने पुरुषों में हृदय रोगों के जल्दी विकसित होने के पीछे जैविक और व्यवहारिक दोनों कारणों को जिम्मेदार ठहराया है: 

हार्मोनल सुरक्षा की कमी: महिलाओं में पाया जाने वाला एस्ट्रोजन हार्मोन प्राकृतिक रूप से उनके हृदय को एक निश्चित आयु तक सुरक्षा प्रदान करता है, जो पुरुषों में नहीं होता। 

जीवनशैली के कारक: कम उम्र से ही धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन और अनियमित दिनचर्या पुरुषों में अधिक देखी जाती है। 

मानसिक दबाव: कार्यस्थल का तनाव और भावनात्मक तनाव को प्रबंधित न कर पाना भी एक बड़ा कारण है। 

शारीरिक निष्क्रियता: डेस्क जॉब और व्यायाम की कमी दिल की धमनियों को समय से पहले सख्त कर देती है। 

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि हार्ट डिजीज से बचाव की शुरुआत युवावस्था से ही होनी चाहिए। जिसके लिए आप संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण, धूम्रपान से दूरी और समय-समय पर हेल्थ चेकअप जैसे कदम उठा सकते हैं। ये सभी स्टेप आपके दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद करते हैं- 

बचाव के उपाय: 20 की उम्र से ही शुरू करें तैयारी 

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्वस्थ भविष्य के लिए 'प्रिवेंशन' ही एकमात्र रास्ता है: 

संतुलित आहार: नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट का सेवन कम करें। 

नियमित व्यायाम: दिन में कम से कम 30 मिनट की पैदल चाल या कार्डियो एक्सरसाइज। 

पर्याप्त नींद: शरीर और हृदय की रिकवरी के लिए 7-8 घंटे की नींद अनिवार्य है। 

नियमित चेकअप: समय-समय पर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल की जांच कराते रहें। 

विशेषज्ञ की सलाह: "हृदय रोगों की शुरुआत बुढ़ापे में नहीं, बल्कि हमारी युवावस्था की गलतियों से होती है। यदि 30 की उम्र से ही सतर्कता बरती जाए, तो हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थितियों को टाला जा सकता है।"
 


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Content Writer

Ramanjot

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