इंटर परीक्षा में मुकाबला बना जानलेवा, चचेरे भाई से कम नंबर आए तो छात्रा ने उठा लिया खौफनाक कदम

Tuesday, Mar 24, 2026-04:20 PM (IST)

Bihar News: बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा के नतीजे घोषित होने के साथ ही मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक दबाव पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इब्राहिमपुर गांव में 18 वर्षीय छात्रा अल्पना रानी ने परीक्षा में 'फर्स्ट डिवीजन' न आने और चचेरे भाई से कम नंबर मिलने के कारण फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।  

परिजनों के अनुसार, अल्पना एक मेधावी छात्रा थी और उसे खुद से काफी उम्मीदें थीं। उसने खेल-खेल में अपने चचेरे भाई को चुनौती दी थी कि वह न केवल इंटर की परीक्षा में फर्स्ट डिवीजन लाएगी, बल्कि उससे अधिक अंक भी हासिल करेगी। सोमवार, 23 मार्च को जब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने नतीजे जारी किए, तो अल्पना को 286 अंक प्राप्त हुए। नियमों के मुताबिक वह 'सेकंड डिवीजन' से उत्तीर्ण हुई थी। 

हार का बोझ नहीं सह सकी अल्पना 
नतीजे सामने आते ही अल्पना को गहरा धक्का लगा। वह इस बात को स्वीकार नहीं कर पाई कि वह अपनी ही दी हुई चुनौती हार गई है और महज कुछ अंकों से प्रथम श्रेणी हासिल करने से चूक गई है। परिणाम देखने के बाद वह चुपचाप अपने कमरे में गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर जब परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, तो अल्पना पंखे से लटकी पाई गई। 

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई सांसें 
परिजनों ने आनन-फानन में उसे सरैया के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत छात्रा के दादा अशर्फी राम का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि अल्पना परीक्षा में कम नंबर आने की बात को लेकर मानसिक रूप से बहुत ज्यादा परेशान हो गई थी। 

FSL टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही सरैया के प्रशिक्षु IPS अधिकारी और कार्यवाहक थाना प्रभारी प्रसन्ना एमवी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुजफ्फरपुर से FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरपुर के SKMCH भेज दिया गया है।
 


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Ramanjot

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