बिहार के सभी 38 जिलों में पहुंचेगी रसोई गैस, LPG और PNG आपूर्ति के लिए 6 कंपनियां अधिकृत
Tuesday, Apr 14, 2026-02:32 PM (IST)
पटना: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने राज्य के सभी 38 जिलों में एलपीजी व पीएनजी आपूर्ति के लिए छह कंपनियों को अधिकृत किया है। उन्होंने बताया कि गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए इन जिलों को 14 भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।
मार्च 2026 में 7,585 कनेक्शन प्रति माह
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित 'क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप' (सीएमजी) की बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि पाइप से मुहैया कराए जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) के कनेक्शन देने की गति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। मार्च 2026 में यह संख्या बढ़कर लगभग 7,585 कनेक्शन प्रति माह हो गई। आठ अप्रैल 2026 तक राज्य में कुल एक लाख घरेलू पीएनजी (डी-पीएनजी) कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं। शहर गैस वितरण (सीजीडी) कंपनियां इस गति को बढ़ाकर 9,000 से 12,000 कनेक्शन प्रति माह तक ले जाने के प्रयास कर रही हैं।
कालाबाजारी पर कार्रवाई:1,814 सिलेंडर जब्त
बैठक में एलपीजी (द्रवित पेट्रोलियम गैस) के बारे में बताया गया कि 11 अप्रैल 2026 तक राज्य में एलपीजी गैस सिलेंडर को भरने की औसत दैनिक मांग 4,42,348 रही जबकि औसत दैनिक आपूर्ति 3,58,005 दर्ज की गई। वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए राज्यभर में सघन जांच अभियान चलाया गया है जिसके तहत अब तक 30,950 निरीक्षण किए गए हैं। इस दौरान अवैध तरीके से रखे गए 1,814 सिलेंडर जब्त किए गए। इसके अलावा, 45 मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 6ए के तहत कार्रवाई की गई है तथा 138 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पांच किलोग्राम एफटीएल गैस सिलेंडर के वितरण की अनुमति भी दी गई है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। बैठक में शादियों के आयोजन और दूरसंचार टावर के निर्बाध संचालन के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने सभी प्रभारी सचिवों और जिल के धिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों के नियंत्रण कक्षों में प्राप्त शिकायतों का निपटारा करने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

