पहले भांजे की हत्या, फिर मोक्ष की चाह में मामा ने पूरे परिवार के साथ दी जान. धर्मशाला में मिली 4 लाशों का सनसनीखेज खुलासा
Sunday, Feb 08, 2026-05:34 PM (IST)
Bihar News : हाल ही में बिहार के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था, जहां के दिगंबर जैन धर्मशाला में बेंगलुरु के एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव बरामद हुए। वहीं अब इस सामूहिक सुसाइड की मिस्ट्री सुलझती नजर जा रही है। शुरुआती जांच और परिजनों के बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि परिवार ने एक किशोर की हत्या के "पाप" का प्रायश्चित करने और आध्यात्मिक शांति (मोक्ष) पाने के उद्देश्य से यह आत्मघाती कदम उठाया।
बदबू आने पर खुला खौफनाक राज
घटना का खुलासा शुक्रवार सुबह तब हुआ जब धर्मशाला के कमरा नंबर 6AB से तीखी दुर्गंध आने पर स्टाफ ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस द्वारा दरवाजा तोड़ने पर अंदर का दृश्य भयावह था; कमरे के चारों कोनों में चार शव लटके हुए थे। मृतकों की पहचान बेंगलुरु (नागासंद्रा) निवासी जीआर नागा प्रसाद (30), उनकी दिव्यांग माँ जीआर सुमंगला, और उनकी दो बहनों शिल्पा व श्रुता के रूप में हुई है।
अपराधबोध और बेरोजगारी बनी वजह
पुलिस जांच के अनुसार, इस सामूहिक आत्महत्या की जड़ें पिछले साल जुलाई में हुई एक दुखद घटना से जुड़ी हैं। दरअसल, नागा प्रसाद (इंजीनियरिंग स्नातक) बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसकी बहन शिल्पा का 14 वर्षीय बेटा ओमकृति ऑनलाइन गेमिंग और जुए में पैसे लुटा रहा था। गुस्से में आकर नागा प्रसाद ने अपने भांजे की हत्या कर दी थी। नागा प्रसाद पांच महीने जेल में रहने के बाद 17 दिसंबर को जमानत पर बाहर आया था। जेल से छूटने के बाद पूरा परिवार गहरे अवसाद और ग्लानि में था। उन्हें लगा कि समाज में अब उनके लिए कोई स्थान नहीं बचा है।
तीर्थयात्रा और अंतिम पड़ाव
परिजनों के अनुसार, परिवार इस "पाप" से मुक्ति के लिए तीर्थयात्रा पर निकला था। नेपाल की यात्रा के बाद वे 31 जनवरी को राजगीर पहुंचे। सीसीटीवी और स्टाफ के अनुसार उन्हें आखिरी बार 1 फरवरी को जीवित देखा गया था। कमरे से 1.18 लाख रुपये नकद और जेवरात बरामद हुए हैं, जिससे लूटपाट की थ्योरी खारिज हो गई है।
पुलिस का बयान
नालंदा एसपी भरत सोनी ने कहा, "प्रथम दृष्टया यह सामूहिक आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, लेकिन हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं। क्या यह आपसी सहमति से ली गई जान है या नागा प्रसाद ने अन्य सदस्यों की हत्या के बाद खुदकुशी की, इसकी पुष्टि फोरेंसिक रिपोर्ट और SIT की जांच के बाद होगी।" मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है। एक टीम बेंगलुरु भी भेजी गई है। शनिवार रात पटना के PMCH में पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके दूर के रिश्तेदारों को सौंप दिया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

