मौसम का यू-टर्न, बिहार के 38 जिलों में आंधी-तूफान के साथ होगी भयंकर बारिश; IMD का ऑरेंज अलर्ट
Monday, Mar 16, 2026-11:08 AM (IST)
Bihar Weather Update : बिहार में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य में आज से बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के सभी 38 जिलों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस मौसमी बदलाव से तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को चुभती गर्मी से निजात मिलेगी।
17 जिलों में 'ऑरेंज' तो 21 में 'येलो' अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार के 17 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिनमें भारी बारिश और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं। इन जिलों में मुख्य रूप से पश्चिमी व पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, सिवान, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, बेगूसराय और खगड़िया शामिल हैं। वहीं, राजधानी पटना सहित शेष 21 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इस कारण बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण एक चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) की स्थिति बनी है। इन दो वेदर सिस्टम के मिलन से वातावरण में अस्थिरता बढ़ी है, जिसके चलते आंधी और बारिश के हालात बन रहे हैं। विभाग का अनुमान है कि बिहार में बारिश का यह सिलसिला 20 मार्च तक रुक-रुक कर जारी रह सकता है।
रोहतास रहा सबसे गर्म जिला
पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार का सबसे गर्म जिला रोहतास रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा कैमूर में 35 डिग्री, पटना में 33 डिग्री, नालंदा में 35.4 डिग्री, गया में 35.2 डिग्री, औरंगाबाद में 33.9 डिग्री और भागलपुर में 32.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान नालंदा में 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पटना में न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास न खड़े हों। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।

