Holi Special Bus Service Bihar: अब होली में घर आना हुआ आसान, 200 बसों का होगा संचालन
Thursday, Jan 15, 2026-08:47 PM (IST)
Holi Special Bus Service Bihar: होली के त्योहारी सीजन में प्रवासी बिहारियों को सुरक्षित, आरामदायक और किफायती यात्रा का तोहफा मिलेगा। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने एक बार फिर विशेष फेस्टिवल बसों का परिचालन शुरू करने की तैयारी कर ली है। निगम 15 फरवरी से 15 मार्च तक कुल लगभग 200 अंतर्राज्यीय बसों का संचालन करेगा। इनमें एसी डीलक्स और नॉन-एसी डीलक्स श्रेणी की बसें शामिल हैं, जिनमें 50-60 सीटों की क्षमता होगी। इनके लिए टिकट बुकिंग की शुरुआत 1 फरवरी से हो जाएगी। यात्रियों को सुविधा देने के लिए राज्य सरकार इन बसों पर विशेष छूट भी प्रदान करेगी।
पांच राज्यों की प्रमुख रूटों पर चलेंगी बसें
ये विशेष बसें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में चलेंगी और दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के प्रमुख रूटों पर संचालित की जाएंगी। विभाग अभी रूट निर्धारण और भाड़ा पर काम कर रहा है। होली के अवसर पर दूसरे राज्यों से बिहार लौटने वाले प्रवासी मजदूरों और छात्रों को इन बसों से काफी फायदा मिलेगा।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा
यात्री आधिकारिक वेबसाइट https://bsrtc.bihar.gov.in/ पर जाकर आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं। भुगतान के लिए यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। निगम यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए चिन्हित बस पड़ावों पर स्त्री-पुरुष दोनों के लिए स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
होली पर आरामदायक होगी यात्रा
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने इस पहल पर कहा कि हर वर्ष त्योहारों के दौरान बिहार लौटने वाले प्रवासी कामगारों, छात्रों और अन्य यात्रियों को ट्रेनों में भारी भीड़ का सामना करना पड़ता है। उनकी आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग लगातार सकारात्मक योजनाओं पर काम कर रहा है। होली के अवसर पर विशेष व्यवस्था के तहत ये इंटरस्टेट बसें संचालित की जा रही हैं। इन बसों के माध्यम से यात्री बेफिक्र होकर, आराम से और समय पर अपने घर पहुंच सकेंगे।
पिछले वर्ष 220 फेस्टिवल बसों का सफल संचालन
बीएसआरटीसी ने पिछले साल भी त्योहारी सीजन में इसी तरह की सफल पहल की थी। 20 सितंबर से 19 नवंबर 2025 (दो महीना) तक 220 अंतरराज्य बसों का संचालन किया गया था। इनसे करीब 2.50 लाख यात्रियों को लाभ मिला था। उस दौरान औसतन रोजाना 107 बसें एक तरफ चलाई गईं, जिनमें 81 प्रतिशत सीटें भरी रहीं और 8 हजार से अधिक टिकट ऑनलाइन बुक हुए थे।

