बिहार में जनगणना की हाईटेक तैयारी, मोबाइल ऐप से होगी आपकी गिनती, 13,595 कर्मचारी संभालेंगे कमान

Wednesday, Mar 25, 2026-03:44 PM (IST)

Bihar News: देश भर में प्रस्तावित राष्ट्रीय जनगणना 2027 के लिए बिहार के पूर्वी चंपारण जिला में तैयारियां तेज कर दी गई हैं और इस बार 13,595 अधिकारी तथा कर्मचारी मिल कर इस कार्य को सम्पन्न करेंगे। यह जनगणना भारत के इतिहास में पहली बार पूरी तरह डिजिटल तकनीक पर आधारित तथा पूर्णत: 'पेपरलेस' होगी, जिसमें पारंपरिक कागजी प्रक्रिया के बजाय मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इसके सफल संचालन के लिए पूर्वी चंपारण में 13, 595 अधिकारी और कर्मचारी लगाए जाएंगे। 

दो चरणों में संपन्न होगी जनगणना
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में वर्ष 2026 से मकान सूचीकरण एवं हाउसिंग सर्वे शुरू किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में 2027 में जनसंख्या से संबंधित विस्तृत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। इस बार नागरिकों को सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्व-गणना) की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे लोग स्वयं अपनी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। इस जनगणना में जीआईएस मैपिंग, रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग और क्लाउड-आधारित सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल डेटा संग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि त्रुटियों की संभावना भी काफी कम हो जाएगी।

प्रथम चरण में 2 मई 2026 से 31 मई 2026 के बीच मकानों का सूचीकरण किया जाएगा। प्रथम चरण में भवन संख्या, मकान की छत, दीवार और फर्श में इस्तेमाल सामग्री, मकान का उपयोग, मकान की स्थिति, परिवार में कुल व्यक्तियों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के मुखिया का लिंग, मकान के स्वामित्व की स्थिति, रहने के कमरों की संख्या, विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, स्नानगृह की सुविधा, रसोई घर और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की स्थिति, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल फोन की उपलब्धता, स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड, कार/जीप/वैन का स्वामित्व, मुख्य आय के स्रोत जैसे कुल 33 प्रकार की सूचनाएं रिकॉर्ड की जाएंगी। 


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Content Writer

Ramanjot

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