बिहार में बाढ़ का खतरा: पूर्वी चंपारण के चार अंचलों में अलर्ट, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द
Thursday, Aug 27, 2026-11:07 AM (IST)
मोतिहारी: नेपाल में नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि के बाद वाल्मीकिनगर बैराज पर पानी का दबाव बढ़ गया है। संभावित खतरे को देखते हुए बुधवार शाम चार बजे वाल्मीकिनगर बैराज से 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी के जलस्तर में भी वृद्धि की आशंका को देखते हुए पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने अरेराज, पहाड़पुर, संग्रामपुर और केसरिया अंचलों में अलर्ट जारी कर दिया है।
पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सुर्भ सुमन ने समाहरणालय स्थित एनआईसी में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि नेपाल से आने वाले जलप्रवाह में अचानक वृद्धि के कारण गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और पानी के फैलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने लोगों से अपील की कि वर्तमान स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतकर्ता और सावधानी बेहद जरूरी है। जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा प्रबंधन शाखा, बाढ़ प्रमंडल मोतिहारी के अभियंताओं, स्थानीय पदाधिकारियों और संबंधित थानों को अलर्ट मोड में रखा गया है।
सभी संबंधित पदाधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें मुख्यालय एवं अपने-अपने क्षेत्र में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। गंडक तटबंध और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक माइकिंग कराने का निर्देश दिया गया है। लोगों से निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने और मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने की अपील की जा रही है। चारों अंचलों के अंचलाधिकारियों और थाना प्रभारियों को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। चिन्हित शरण स्थलों पर सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रखने को कहा गया है।
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की एक-एक टीम जिले में मौजूद है। एनडीआरएफ की टीम को अरेराज और संग्रामपुर क्षेत्र के लिए तैनात किया गया है, जबकि एसडीआरएफ की टीम को केसरिया के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है। दोनों टीमों को लगातार पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया गया है।

