बिहार में दीनदयाल जन आजीविका योजना ने बदली हजारों लोगों की जिंदगी, 4303 बेघरों को मिला सुरक्षित ठिकाना
Tuesday, Apr 01, 2025-04:27 PM (IST)

पटना: बिहार में दीनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी) को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिसके तहत राज्य के 129 नगर निकायों में आश्रय गृह बनाए गए हैं, जहां 4303 बेघर लोग सुरक्षित रूप से रह रहे हैं।
आश्रय गृहों में रह रहे हैं 325 लोग
नगर विकास एवं आवास मंत्री जिवेश कुमार ने बताया कि बिहार की राजधानी पटना में एक अक्टूबर 2024 को आर ब्लॉक, शेखपुरा, सैदपुर (वार्ड नं. 48), मैकडोवेल गोलंबर (वार्ड नं. 43, राजेंद्र नगर), गायघाट और छोटी पहाड़ी में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया, जिसे छह महीने के लिए और आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल इन आश्रय गृहों में 325 लोग रह रहे हैं। मंत्री ने कहा कि पटना नगर निगम में 12 स्थानों पर स्थायी जर्मन हैंगर बनाए गए हैं, जिनमें 406 लोग निवास कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त आठ और जगहों पर जर्मन हैंगर प्रस्तावित हैं। बैरिया और मालसलामी (वार्ड नं. 37) में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। बाढ़ और डुमरांव में भी 132 लोग स्थायी जर्मन हैंगर में रह रहे हैं।
गौरतलब है कि इस योजना के तहत उन लोगों को प्राथमिकता दी जाती है, जो रात आठ बजे के बाद सड़कों पर सोते हैं। इनमें भिक्षुक, वेंडर्स और अन्य बेघर लोग शामिल हैं। इस योजना के तहत इन लाभार्थियों को पहचान-पत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान-पत्र दिलाने के साथ-साथ वृद्धावस्था, विधवा और विकलांगता पेंशन, बीपीएल कार्ड, पीडीएस राशन कार्ड, जनधन खाता, आईसीडीएस सेवाएं, सरकारी स्कूलों में नामांकन, स्वास्थ्य सुविधाएं, बीमा योजनाओं का लाभ और मुफ्त कानूनी सहायता भी प्रदान की जा रही है।
दिव्यांगों और महिलाओं के लिए चलाई जा रही कई योजनाएं
मंत्री ने बताया कि आश्रय गृहों में दिव्यांगों और महिलाओं के लिए भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें विकलांग पुनर्वास योजना, उज्ज्वला योजना, सबला योजना, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, संकटग्रस्त महिलाओं और बच्चों के लिए रेफरल सेवाएं, पीडीएस के तहत सब्सिडी भी शामिल है। दीनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी) के लिए केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 60:40 की है। अब तक 271 करोड़ रुपये इस योजना के लिए आवंटित किए जा चुके हैं। दीनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी) ने राज्य के हजारों बेघरों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब इस योजना का राज्यभर में विस्तार किया जाएगा, जिससे और अधिक बेघरों को लाभ मिल सके।