बिहार में जहरीली शराब ने ली 7 जानें, SIT ने मेथनॉल नेटवर्क का किया सनसनीखेज खुलासा

Saturday, Apr 04, 2026-04:59 PM (IST)

Bihar Poisonous Liquor Death : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा बढ़कर सात हो गया है, जबकि एक दर्जन से अधिक पीड़ित विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस मामले में फॉरेंसिक जांच के बाद पुष्टि हुई है कि शराब के नाम पर धंधेबाजों ने खरीदारों को शुद्ध मेथनॉल परोसा था।               

मिली जानकारी के अनुसार, घटना में मृतकों की पहचान जयसिंहपुर पुलवाघाट के चंदू प्रसाद, परसौना के प्रमोद यादव और परिक्षण मांझी, बालगंगा के सम्पत साह, हरदिया के हरि भगत, लालकिशोर राय तथा बालगंगा के मुसहरी तोला निवासी लड्डू सह के रूप में हुई है। मरने वालों में दो लालकिशोर राय और लड्डू साह की मौत शनिवार को इलाज के दौरान हुई। इस हादसे में लोहा ठाकुर, विनोद साह, राहुल पासवान, रविंद्र यादव (35), दिनेश यादव (28), उमेश राम, लक्ष्मीपुर गदरिया निवासी टुनटुन राय, रावण यादव, दिनेश यादव सहित डेढ़ दर्जन लोग इस जहर से प्रभावित हैं। इनमें से आधा दर्जन पीड़ित आंखों की रोशनी से जुड़ी गंभीर समस्यायों से जूझ रहे हैं। गंभीर हालत में लड्डू साह और विनोद साह को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर किया गया है।

एसआईटी जांच में मेथनॉल नेटवर्क का खुलासा

इस घटना के बाद गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में जहरीली शराब के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जांच के अनुसार पिपराकोठी के स्प्रिट माफिया कन्हैया और राजा ने स्प्रिट मंगवाई, जिसे परसौना के खलीफा और सुनील शाह को बेचा गया। इसके बाद यह खेप नागा राय और जम्मू बैठा तक पहुंची, जिन्होंने क्रमश: परसौना और बालगंगा इलाके में इसका वितरण किया, जिसके बाद यह भयावह हादसा हुआ।               

जिला प्रशासन के अनुसार जब्त की गई 700 लीटर स्प्रिट की फॉरेंसिक जांच में शुद्ध मेथनॉल पाए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता नागा राय को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में चौकीदार भरत राय की संलिप्तता भी सामने आई है, जो नागा राय का रिश्तेदार बताया जा रहा है। पुलिस ने अब तक नागा राय समेत उसके परिवार और नेटवर्क से जुड़े कुल 39 शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया है।               

उल्लेखनीय है कि बिहार में 1 अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। इससे पहले अप्रैल 2023 के अप्रैल माह में ही जिले में जहरीली शराब से 56 लोगों की मौत हुई थी, जिसने शराब बंदी पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उसके बाद भी एक जनवरी 2025 से 25 दिसम्बर 2025 के मध्य महज एक वर्ष के दौरान जिले में 42,59,607 लीटर देशी, विदेशी शराब, कच्ची शराब और स्प्रिट बरामद की गई। प्रदेश में शराबबंदी के बाद भी इस तरह की घटनाएँ लगतार घटित हो रही हैं और लोगों की मौत का सिलसिला जारी है।


 


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Content Editor

Harman

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