Bihar Electricity Rate Cut: शहरी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अब सस्ती मिलेगी बिजली

Wednesday, Mar 18, 2026-11:47 PM (IST)

Bihar News: बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। Bihar Electricity Regulatory Commission ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों का ऐलान किया है, जिसमें खासतौर पर शहरी उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा मिलेगा। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी, जिससे शहरों में रहने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आएगी।

शहरी उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा

आयोग ने शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दो स्लैब की व्यवस्था खत्म कर दी है। अब उन्हें भी ग्रामीण क्षेत्रों की तरह एक समान दर पर बिजली मिलेगी। इस फैसले से शहरी उपभोक्ताओं को करीब 1.53 रुपये प्रति यूनिट तक राहत मिलेगी, खासकर उन लोगों को जो 125 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं।

बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज

आयोग के अध्यक्ष Amir Subhani और सदस्य Arun Kumar Sinha, Parshuram Singh Yadav ने बिजली कंपनियों द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर सुनवाई की। बिजली कंपनियों ने 35 पैसे प्रति यूनिट दर बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन आयोग ने इसे खारिज कर दिया। अध्यक्ष ने कहा कि कंपनियां फिलहाल घाटे में नहीं हैं, इसलिए उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं होगा।

व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी राहत

  • ग्रामीण व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 42 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली
  • शहरी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 1.20 रुपये प्रति यूनिट तक राहत
  • इस फैसले से राज्य के करीब 27 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।

125 यूनिट फ्री बिजली का लाभ जारी

बिहार में पहले से ही घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिल रही है, जिसका लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मिल रहा है।

कैसे कम होगा बिजली बिल? (उदाहरण)

मान लीजिए Patna में कोई परिवार 225 यूनिट बिजली खर्च करता है:

125 यूनिट मुफ्त

बाकी 100 यूनिट पर करीब 153 रुपये की बचत

अगर खपत 300 यूनिट है, तो हर महीने करीब 268 रुपये तक की बचत हो सकती है।

किसानों को भी राहत

मशरूम की खेती करने वाले किसानों को भी इस फैसले से फायदा मिलेगा। पहले उन्हें कमर्शियल दर पर बिजली मिलती थी, लेकिन अब उन्हें कृषि दर पर बिजली दी जाएगी, जिससे लागत कम होगी।

संतुलन का रखा गया ध्यान

Amir Subhani ने बताया कि यह फैसला उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बिजली कंपनियों के आर्थिक संतुलन को ध्यान में रखकर लिया गया है।


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Content Writer

SHUKDEV PRASAD

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