नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर आनंद मोहन ने जताई नाराजगी, कहा- यह निर्णय आम जनता के समझ से बाहर
Sunday, Mar 29, 2026-01:03 PM (IST)
Bihar News: बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आम जनता को समझ में नहीं आ रहा है और इससे लोगों में असंतोष बढ़ सकता है।
"मैं और मेरे जैसे लाखों लोग इससे असहमत हैं"
मीडिया से बातचीत में आनंद मोहन ने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि यह फैसला पूरी तरह मुख्यमंत्री की अपनी इच्छा से लिया गया। चाहे यह फैसला थोपकर लिया गया हो या स्वयं किया गया हो, मैं और मेरे जैसे लाखों लोग इससे असहमत हैं। उन्होंने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में जनता से “फिर से नीतीश” के नाम पर वोट मांगे जाने और कुछ ही महीनों में यह फैसला होने को राजनीतिक विश्वासघात और वादाखिलाफी बताया।
"यदि नीतीश कुमार राज्यसभा में सक्रिय होंगे, तो..."
आनंद मोहन का कहना है कि इस फैसले से पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों में गुस्सा और असंतोष फैल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल जेडीयू ही नहीं, बल्कि भाजपा के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है। पूर्व सांसद ने सुझाव दिया कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा में सक्रिय होंगे, तो पार्टी के बड़े फैसले सीधे उनके नेतृत्व में होने चाहिए और संगठनात्मक ढांचे को उसी हिसाब से मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया और सभी फैसले उनके नेतृत्व में नहीं लिए गए, तो असंतुष्ट लोग विपक्षी पार्टियों की ओर रुख कर सकते हैं।
"उपमुख्यमंत्री का मतलब चुप मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए"
आनंद मोहन ने युवा नेताओं और निशांत टीम की तारीफ करते हुए कहा कि नए नेतृत्व ने उम्मीदें जगाई हैं। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री का मतलब चुप मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए। अगर जनता के बीच एनडीए की साख बनी रहे, तो स्पष्ट रूप से मुख्यमंत्री बनाए जाने की जरूरत है।

